इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन हो सकते हैं महंगे, कंपनियां बढ़ाएंगी कीमतें; जानें वजह
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स कीमत बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है। द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल कंपनियां बढ़ती लागत के बीच अगले पखवाड़े में चुनिंदा उत्पादों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। कंपनियां हालांकि त्योहारी सीजन की मांग को देखते हुए बड़ी कीमत बढ़ोतरी से बचने की कोशिश कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों पर कमोडिटी कीमतों, माल ढुलाई लागत और रुपये की कमजोरी का दबाव बढ़ा है। इसके अलावा मेमोरी चिप की कीमतों में बढ़ोतरी ने स्मार्टफोन कारोबार की लागत को भी प्रभावित किया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स कीमत बढ़ोतरी कितनी हो सकती है?
उद्योग जगत के अधिकारियों के अनुसार, कंपनियां लागत बढ़ने का पूरा बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय उसका कुछ हिस्सा खुद वहन कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर Haier India ने 1 सितंबर से करीब 2% कीमत बढ़ाने की बात कही है और कम से कम दिवाली तक कीमतों को स्थिर रखने का संकेत दिया है।
इससे संकेत मिलता है कि इलेक्ट्रॉनिक्स कीमत बढ़ोतरी फिलहाल सीमित रखने की रणनीति अपनाई जा रही है। कंपनियों का मकसद लागत और बिक्री के बीच संतुलन बनाए रखना है।
स्मार्टफोन की कीमतों पर क्यों बढ़ रहा दबाव?
स्मार्टफोन कंपनियां इस साल लगभग हर महीने कीमतों में बदलाव कर रही हैं। रिपोर्ट में उद्योग अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि स्मार्टफोन बिक्री पिछले साल की तुलना में करीब 10% नीचे है, जबकि कीमतों में पहले ही 35-45% तक वृद्धि देखी गई है।
मेमोरी चिप की कीमतों में बढ़ोतरी भी एक बड़ी चुनौती है। इसकी एक वजह मेमोरी की आपूर्ति का AI डेटा सेंटरों की ओर बढ़ना बताई गई है। कुछ ब्रांड ₹20,000 से कम कीमत वाले मॉडलों की संख्या घटाकर लागत दबाव को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।
त्योहारी सीजन में कंपनियां क्यों सावधान?
नवरात्रि से दिवाली तक का समय स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स बिक्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह अवधि स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की सालाना बिक्री में 25-35% तक योगदान कर सकती है। इसलिए कंपनियां ज्यादा कीमत बढ़ाकर मांग को प्रभावित करने से बचना चाहती हैं।
इसी वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स कीमत बढ़ोतरी के बावजूद कंपनियां आगे कुछ समय तक कीमतों में स्थिरता बनाए रखने और जरूरत के अनुसार त्योहारी ऑफर देने पर जोर दे सकती हैं।
ग्राहकों को क्या ध्यान रखना चाहिए?
अभी यह कहना संभव नहीं है कि हर स्मार्टफोन या इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद की कीमत कितनी बढ़ेगी। कीमतों में बदलाव ब्रांड, मॉडल और उत्पाद की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।
Khabrein.in का निष्कर्ष
इलेक्ट्रॉनिक्स कीमत बढ़ोतरी का दबाव बढ़ती उत्पादन और लॉजिस्टिक्स लागत के कारण दिखाई दे रहा है, लेकिन कंपनियां त्योहारी मांग को बचाने के लिए बढ़ोतरी सीमित रखना चाहती हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में कीमतों के साथ-साथ त्योहारी डिस्काउंट और ऑफर्स पर भी ग्राहकों की नजर रहेगी।
