NASA Artemis II: चांद का चक्कर लगाकर लौटे 4 अंतरिक्ष यात्री, अब 2028 में इंसानों की चंद्रमा पर वापसी की तैयारी

नई दिल्ली/वॉशिंगटन: NASA का ऐतिहासिक Artemis II मिशन अब पूरा हो चुका है, लेकिन इसकी सफलता ने चंद्रमा पर इंसानों की वापसी की अगली बड़ी तैयारी को तेज कर दिया है। अप्रैल 2026 में NASA के Space Launch System (SLS) रॉकेट से चार अंतरिक्ष यात्रियों ने उड़ान भरी और Orion spacecraft में सवार होकर चंद्रमा के चारों ओर यात्रा की। करीब 10 दिन के इस मिशन ने मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड कायम किए और NASA के भविष्य के Moon-to-Mars कार्यक्रम को नई दिशा दी।

Artemis II में चार अंतरिक्ष यात्री चांद के पार पहुंचे

Artemis II में NASA के रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच तथा Canadian Space Agency के जेरेमी हैनसेन शामिल थे।

चारों अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft के जरिए चंद्रमा के आसपास गए। मिशन के दौरान उन्होंने पृथ्वी से लगभग 252,756 मील की दूरी तय की, जो इंसानों द्वारा अंतरिक्ष में तय की गई सबसे बड़ी दूरी का रिकॉर्ड है।

यह मिशन इसलिए भी ऐतिहासिक था क्योंकि यह Orion spacecraft की पहली crewed flight थी और करीब आधी सदी बाद इंसान फिर से चंद्रमा के आसपास के गहरे अंतरिक्ष क्षेत्र में पहुंचा।

10 दिन बाद पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी

Artemis II की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 को हुई और चारों अंतरिक्ष यात्री 10 अप्रैल 2026 को पृथ्वी पर लौटे। Orion spacecraft ने प्रशांत महासागर में splashdown किया। NASA ने मिशन को भविष्य के मानव चंद्र मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में दर्ज किया है।

मिशन के दौरान Orion के विभिन्न सिस्टम, जीवन-समर्थन प्रणाली, संचार, नेविगेशन और गहरे अंतरिक्ष में मानव यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं का परीक्षण किया गया।

Artemis II के बाद अब क्या? NASA ने बदली योजना

Artemis कार्यक्रम को लेकर 2026 में NASA ने अपनी रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पहले Artemis III को चंद्रमा पर मानव लैंडिंग के लिए तैयार किया जा रहा था, लेकिन अब NASA ने Artemis III को 2027 में एक crewed demonstration mission के रूप में पुनर्गठित किया है।

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी की कक्षा में महत्वपूर्ण प्रणालियों का परीक्षण करना होगा, जिसमें Orion और commercial lunar landers के बीच rendezvous और docking जैसी जटिल प्रक्रियाएं शामिल हैं। NASA के वर्तमान मिशन पेज पर Artemis III की लॉन्च टाइमलाइन 2027 और मिशन प्रकार Crewed Demonstration दिया गया है।

चंद्रमा पर इंसानों की अगली लैंडिंग 2028 में

NASA की संशोधित योजना के मुताबिक अब Artemis IV को चंद्र सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के लिए महत्वपूर्ण मिशन बनाया गया है। मौजूदा लक्ष्य 2028 की शुरुआत में मानवों को फिर से चंद्रमा की सतह तक पहुंचाने का है।

इस बदलाव का उद्देश्य चंद्रमा पर उतरने से पहले महत्वपूर्ण तकनीकों और मानव-lander interfaces को वास्तविक अंतरिक्ष वातावरण में परीक्षण करना है। NASA इसे जोखिम कम करने वाली रणनीति के रूप में देख रहा है।

Artemis III में क्या होगा?

Artemis III अब एक बेहद जटिल orbital demonstration मिशन बनने जा रहा है। NASA के अनुसार SLS रॉकेट चार अंतरिक्ष यात्रियों को Orion spacecraft में लेकर पृथ्वी की कक्षा में पहुंचाएगा।

मिशन में commercial lunar landing systems के साथ docking और crew-lander operations जैसी तकनीकों का परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य के चंद्र लैंडिंग मिशनों से पहले इन प्रणालियों को वास्तविक crewed environment में जांचना है।

रिपोर्टों के अनुसार Artemis III में Blue Origin के Blue Moon और SpaceX के Starship-based lunar architecture से जुड़े परीक्षण भी मिशन की जटिलता बढ़ाएंगे। NASA का लक्ष्य विभिन्न प्रणालियों को चंद्रमा पर वास्तविक मानव लैंडिंग से पहले पर्याप्त रूप से परखना है।

NASA की Moon Base योजना भी आगे बढ़ रही

Artemis कार्यक्रम का लक्ष्य केवल चंद्रमा पर दोबारा उतरना नहीं है। NASA अब चंद्रमा पर भविष्य की दीर्घकालिक मानव गतिविधियों के लिए आधार तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

NASA की संशोधित योजना में 2026 और 2027 से robotic lunar missions के जरिए संभावित Moon Base की शुरुआती नींव तैयार करने की बात कही गई है। इसके बाद मानव मिशनों को इस बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ने की योजना है।

NASA ने अगस्त 2026 में lunar landers को लेकर भी अपडेट जारी किया है। एजेंसी के अनुसार विभिन्न commercial lunar landers आगामी चंद्र अभियानों के लिए तैयार किए जा रहे हैं और clean rooms में इनकी तैयारी चल रही है।

Artemis II की सफलता से आगे का रास्ता साफ

Artemis II ने यह साबित कर दिया है कि NASA का SLS और Orion सिस्टम इंसानों को पृथ्वी की कक्षा से आगे, चंद्रमा के आसपास के गहरे अंतरिक्ष तक ले जा सकता है और सुरक्षित वापस ला सकता है।

अब असली चुनौती है—मानवों को दोबारा चंद्रमा की सतह पर उतारना और वहां लंबे समय तक मानव गतिविधियों के लिए आधार तैयार करना।

Artemis II के बाद 2027 का Artemis III तकनीकी और operational परीक्षण का अहम चरण होगा, जबकि 2028 में Artemis IV के जरिए चंद्रमा पर मानव वापसी NASA के सबसे बड़े लक्ष्यों में से एक बनी हुई है।

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