इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान के डेब्यूटेंट रजाउल्लाह ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से इतिहास रच दिया। रजाउल्लाह ने टेस्ट डेब्यू में 43 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और 81 रन की पारी में 9 छक्के जड़कर एक बड़े विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
21 वर्षीय रजाउल्लाह ने पाकिस्तान की दूसरी पारी में नंबर-9 पर बल्लेबाजी करते हुए उस समय मोर्चा संभाला, जब टीम 318/8 के स्कोर पर मुश्किल स्थिति में थी। उन्होंने मोहम्मद अब्बास के साथ मिलकर 121 रनों की अहम साझेदारी की और पाकिस्तान को 449 रन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रजाउल्लाह ने टेस्ट डेब्यू में 43 गेंदों पर जड़ा अर्धशतक
रजाउल्लाह का टेस्ट डेब्यू कई मायनों में यादगार रहा। उन्होंने 63 गेंदों में 81 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। उनका अर्धशतक सिर्फ 43 गेंदों में आया, जो टेस्ट डेब्यू पर पाकिस्तान के किसी बल्लेबाज का सबसे तेज अर्धशतक बताया गया है।
रजाउल्लाह ने अपना अर्धशतक छक्के के साथ पूरा किया। इसके बाद भी उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा।
9 छक्कों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
रजाउल्लाह ने अपनी 81 रन की पारी में 9 छक्के लगाए। इसके साथ उन्होंने टेस्ट डेब्यू की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी की। इससे पहले न्यूजीलैंड के टिम साउदी ने 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू पर 9 छक्के लगाए थे।
इतना ही नहीं, इंग्लैंड में एक टेस्ट पारी में 9 छक्के लगाने के रिकॉर्ड की भी रजाउल्लाह ने बराबरी की। यह रिकॉर्ड बेन स्टोक्स के नाम था, जिन्होंने 2023 एशेज में लॉर्ड्स के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 छक्के लगाए थे।
रजाउल्लाह और अब्बास ने बदला मैच का रुख
रजाउल्लाह और मोहम्मद अब्बास ने नौवें विकेट के लिए 121 रन जोड़े। अब्बास ने 42 रन बनाए, जबकि रजाउल्लाह ने 81 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इस साझेदारी ने पाकिस्तान को पारी की हार से बचाया और मैच को चौथे दिन तक पहुंचा दिया।
दिन का खेल खत्म होने तक पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बनाए और इंग्लैंड के सामने 130 रन का लक्ष्य रखा। रजाउल्लाह की पारी के कारण इंग्लैंड तीसरे दिन ही मैच खत्म नहीं कर सका।
Khabrein.in का निष्कर्ष
रजाउल्लाह का टेस्ट डेब्यू पाकिस्तान के लिए इस मुकाबले की सबसे बड़ी सकारात्मक खबर बनकर सामने आया है। 43 गेंदों में अर्धशतक और 9 छक्कों वाली 81 रन की पारी ने न सिर्फ उन्हें रिकॉर्ड बुक में जगह दिलाई, बल्कि पाकिस्तान को भी मैच में कुछ समय के लिए वापसी का मौका दिया।
