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Mathematician ट्रिस्टन बकमास्टर और OpenAI के बीच गणित की जंग, Navier-Stokes समाधान पर उठे सवाल

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के Mathematician (गणितज्ञ) ट्रिस्टन बकमास्टर उस समय चर्चा में आ गए हैं, जब OpenAI ने लंबे समय से अनसुलझे Navier-Stokes समस्या का AI की मदद से समाधान पेश किया। बकमास्टर का कहना है कि वह Anthropic के गणितज्ञ लेवेंट अल्पोगे के साथ इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे थे।

OpenAI ने 8 सितंबर को दावा किया कि उसके आंतरिक AI सिस्टम ने Navier-Stokes existence and smoothness problem के लिए एक प्रमाण तैयार किया है। कंपनी के मुताबिक यह काम करीब 90 साल से गणित के सबसे कठिन अनसुलझे सवालों में शामिल था।

ट्रिस्टन बकमास्टर के काम से क्यों जुड़ा है विवाद?

ट्रिस्टन बकमास्टर और लेवेंट अल्पोगे ने AI मॉडल्स की मदद से फ्लूइड डायनेमिक्स से जुड़े कई कठिन सवालों पर काम किया था। बकमास्टर के अनुसार, उनकी रिसर्च में OpenAI के Codex सहित AI टूल्स का इस्तेमाल हुआ और अगस्त के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण प्रगति की।

इसके बाद OpenAI ने भी Navier-Stokes समस्या पर बड़े पैमाने पर काम शुरू किया। OpenAI का कहना है कि उसे 1 सितंबर को दोनों शोधकर्ताओं की प्रगति से संबंधित एक अफवाह का पता चला था, जिसके बाद उसके आंतरिक मॉडल को इस दिशा में जांचने का प्रयास शुरू किया गया।

OpenAI ने कैसे पेश किया समाधान?

OpenAI के मुताबिक उसके सिस्टम ने हजारों AI एजेंट्स को समन्वित तरीके से इस्तेमाल करते हुए एक विश्लेषणात्मक प्रमाण तैयार किया। कंपनी का दावा है कि उसका प्रमाण यह दिखाता है कि तीन-आयामी द्रव की गति को दर्शाने वाली Navier-Stokes समीकरणें कुछ परिस्थितियों में सीमित समय में singularity पैदा कर सकती हैं।

Navier-Stokes समीकरणों का इस्तेमाल पानी और हवा जैसे द्रवों की गति को समझने के लिए किया जाता है। इनके अनुप्रयोग विमान डिजाइन, मौसम पूर्वानुमान और रक्त प्रवाह के अध्ययन तक फैले हैं।

बकमास्टर ने क्या सवाल उठाए?

विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ट्रिस्टन बकमास्टर ने सवाल उठाया कि क्या OpenAI के सिस्टम को उनके निजी Codex कार्य से किसी तरह लाभ मिला। उन्होंने OpenAI से पूछा था कि क्या मॉडल को उनके सत्रों तक पहुंच थी या क्या उन सत्रों का इस्तेमाल प्रशिक्षण में हुआ।

OpenAI ने बाद में अपनी जांच के आधार पर कहा कि बकमास्टर के पिछले दो महीनों के Codex prompts उसके Navier-Stokes परिणाम को प्रभावित नहीं कर सकते थे। कंपनी ने यह भी कहा कि उसके शोधकर्ताओं और AI एजेंट्स ने दोनों Mathematician (गणितज्ञ) का निजी काम सार्वजनिक होने से पहले नहीं देखा।

हालांकि, यह पूरा मामला अभी अकादमिक बहस का विषय है। OpenAI ने अपने समाधान को स्वतंत्र रूप से विकसित हुआ बताया है, जबकि बकमास्टर ने इस घटनाक्रम को शोधकर्ताओं के काम और श्रेय से जुड़े गंभीर सवाल के रूप में उठाया है।

Navier-Stokes समस्या इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

Navier-Stokes समस्या सात Millennium Prize Problems में शामिल है। इन समस्याओं को गणित के सबसे कठिन खुले सवालों में गिना जाता है और प्रत्येक के लिए 10 लाख डॉलर का पुरस्कार निर्धारित है।

OpenAI ने कहा है कि वह अपने इस परिणाम के लिए Millennium Prize का दावा नहीं करेगा। अब सबसे अहम काम प्रमाण की स्वतंत्र जांच और पुष्टि करना है।

Khabrein.in का निष्कर्ष

ट्रिस्टन बकमास्टर और OpenAI के बीच विवाद सिर्फ एक गणितीय समस्या के समाधान तक सीमित नहीं है। यह AI के दौर में शोध की मौलिकता, निजी डेटा, श्रेय और वैज्ञानिक प्राथमिकता जैसे बड़े सवाल भी सामने लाता है। OpenAI का Navier-Stokes समाधान कितना निर्णायक है, इसका अंतिम महत्व स्वतंत्र गणितीय समीक्षा के बाद ही स्पष्ट होगा।

Naumaan S

नौमान एस. एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें समाचार एवं समसामयिक घटनाओं की रिपोर्टिंग, शोध और विश्लेषण का 20 वर्षों का अनुभव है। वे Khabrein.in के साथ जुड़े हैं और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की गहरी समझ रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर, विश्वसनीय और तथ्यपरक समाचार एवं सारगर्भित विश्लेषण पहुंचाना है।

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