Sensex-Nifty में गिरावट, सुबह की भारी बिकवाली के बाद संभला बाजार

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। Sensex-Nifty शुरुआती कारोबार में करीब 1% तक टूट गए, लेकिन बाद में रिकवरी के चलते नुकसान काफी कम हो गया। कारोबार के अंत में Sensex 120.83 अंक गिरकर 74,781.76 पर और Nifty 79.70 अंक टूटकर 23,398.10 पर बंद हुआ।

BSE Sensex और Nifty 50 में दिनभर तेज उतार-चढ़ाव रहा। Sensex दिन के निचले स्तर 74,160.16 तक फिसला, जबकि Nifty ने 23,231.40 का निचला स्तर देखा।

Sensex-Nifty में सुबह क्यों आई तेज गिरावट?

बाजार पर कमजोर वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव का दबाव रहा। शुरुआती कारोबार में Brent क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया था, जिससे महंगाई और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की चिंता बढ़ी। बाद में तेल की कीमतों में नरमी आने से घरेलू बाजारों ने निचले स्तरों से वापसी की।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और कमजोर एशियाई बाजारों ने भी Sensex-Nifty पर दबाव बनाए रखा। हालांकि यूरोपीय बाजारों की सकारात्मक शुरुआत और कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को सीमित करने में मदद की।

किन शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल रही?

Nifty पर Hindalco Industries करीब 3.21% गिरा। JSW Steel, Eicher Motors और Tata Steel भी प्रमुख गिरने वाले शेयरों में रहे। इसके विपरीत HDFC Bank करीब 2.08% चढ़ा, जबकि Dr Reddy’s Labs और Tech Mahindra में भी मजबूती रही।

HDFC Bank में तेजी की एक वजह बहरीन में Credit Suisse के Additional Tier-1 बॉन्ड से जुड़े कानूनी मामलों में बैंक के पक्ष में आए फैसले रहे।

बाजार की चौड़ी तस्वीर

बड़ी कंपनियों के सूचकांकों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव रहा। Nifty Midcap 100 करीब 0.26% और Smallcap 100 लगभग 0.58% नीचे बंद हुआ। बाजार में गिरावट का दायरा व्यापक रहा।

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को करीब ₹438.24 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक करीब ₹1,025.85 करोड़ के शुद्ध खरीदार रहे।

Khabrein.in का निष्कर्ष

Sensex-Nifty ने शुक्रवार को तेज गिरावट से शुरुआत की, लेकिन दिन के निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी की। फिर भी कच्चे तेल, वैश्विक बॉन्ड यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार के लिए महत्वपूर्ण जोखिम बने हुए हैं। निवेशकों के लिए आगे के कारोबारी सत्रों में इन संकेतकों पर नजर रखना अहम रहेगा।

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